रविवार, 3 नवंबर 2013

दीर्घजीवी शाकाहारी

शुद्ध शाकाहारी प्राणी कछुआ दुनिया में
सबसे ज्यादा जीनेवाला माना जाता है। 

दे आशीष मेरे भैरव!

सबसे प्रीत करना और सबको
सम्मान देना हमारा कर्तव्य है!



मान लिया जी!


गुरुवार, 31 अक्टूबर 2013

श्रीहरि होहिं दयाल

अब मेरी राखो लाज हरी!

श्री सुन्दरकाण्ड पाठ निधि

आगामी कल श्री शुभ 'रूप चौदस' की पावन वेला में
बालाहेड़ी आश्रम पर
श्री सुन्दरकाण्ड पाठ निधि की स्थापना हो रही है।

लक्ष्य है कि शीघ्रताशीघ्र सवा लाख पाठ कर लिया जाय।

इसमें आप भी शामिल हो सकते हैं। 

यदि आप भी सुन्दरकाण्ड पाठ में रुचि और श्रद्धा रखते हैं तो अपना
नाम-पता हमें नीचे कमेंट बॉक्स में लिख भेजें। 

हम आपके पाठ को भी निधि में शामिल कर लेंगें।

इस बाबत आप डॉ सुरेश जी महाराज से भी सीधे संपर्क कर सकते हैं:

उनका मोबाइल नंबर है-
096027 75059




मिलेगी सुख समृद्धि

धनतेरस में मिलेगी सुख समृद्धि- कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी इस बार एक नवंबर, शुक्रवार को है। शुक्र सुख व समृद्धि का परिचायक है। अमृत योग व हस्त नक्षत्र इसके महत्व को बढ़ाते हैं। शुक्रवार की दोपहर 1.16 से 2.49 बजे तक कुंभ की स्थिर लग्न एवं शाम को 6.04 से रात 8.01 बजे तक वृष की स्थिर लग्न रहेगी। इस दिन सायंकाल सूर्यास्त से दो घंटे 24 मिनट तक व्याप्त प्रदोषकाल में पूजा-अर्चना और दीपदान करने से लक्ष्मी प्रसन्न होकर भक्तों पर कृपा करती हैं।

एक नवंबर को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सूर्योदय से रात्रि में 9.34 बजे तक रहेगी। अत: धनतेरस की पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त भी रात्रि 9.34 बजे तक रहेगा, क्योंकि इसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी।
धनतेरस से भगवती लक्ष्मी के स्वागतार्थ घर में दीपमालिका एवं अखंड दीपक जलाना चाहिए। इससे धन की अधिष्ठात्री संतुष्ट होकर आर्थिक समृद्धि प्रदान करती हैं।
शुक्रवार के दिन धनतेरस होने के कारण इसका महत्व लक्ष्मी पूजा में अत्यंत बढ़ गया है। शुक्रवार को त्रयोदशी तिथि के साथ हस्त नक्षत्र का महासंयोग होने से दुर्लभ गजलक्ष्मी योग बन रहा है। इस योग में लक्ष्मी-पूजन अत्यंत शुभ फलदायक रहेगा।
शनि के दुष्प्रभाव से मुक्ति - कार्तिक कृष्णपक्ष की नरक चतुर्दशी शनिवार को हनुमत जयंती भी होगी। यह शनि के दुष्प्रभाव से ग्रसित लोगों के लिए काफी कल्याणकारी रहेगी।
इस दिन व्रत रखकर सुंदरकांड, हनुमान चालीसा का पाठ करके सिद्ध मंदिर में स्थित हनुमान जी की प्रतिमा पर देशी घी में सिंदूर लगाने से साधकों को शनि की साढ़े साती, ढैया जैसे प्रभावों से निजात मिलेगी।
लुम्बक योग पूरी कराएगा कामना- कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या रविवार को दीपावली मां लक्ष्मी, गणोश के स्मरण के साथ कामना सिद्धि का पर्व है। रविवार का मालिक सूर्य है जो शनि के साथ तुला राशि पर रहेगा। इनके साथ राहु, बुद्ध व चंद्रमा भी रहेंगे।
सौभाग्य की होगी प्राप्ति- कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) होगी। इसमें सूर्यास्त से पहले गाय के गोबर का पर्वत बनाकर पूजन करने का विधान है। सोमवार की शाम 5.14 तक प्रतिपदा तिथि एवं विशाखा नक्षत्र रात 11.35 बजे तक रहेगा। दोनों के संयोग से 'सौभाग्य' नामक अद्भुत योग बन रहा है, जो दिनभर रहेगा।
सच्चे हृदय से ध्यान, पूजन करने वालों की हर इच्छा पूरी होगी।
अकाल मृत्यु से मिलेगी मुक्ति- कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया भैयादूज का पर्व मंगलवार को है। इस दिन दोपहर 3.28 बजे तक द्वितीया तिथि रहेगी।
सुबह बहनें यमुना में डुबकी लगाकर यथासंभव दान करें। फिर दोपहर 3.28 बजे के अंदर अगर भाई के माथे पर तिलक लगाकर नारियल से बलाएं उतारेंगी तो उन्हें अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलेगी।
इस दिन चित्रगुप्त की पूजा करने से मां सरस्वती का आशीर्वाद मिलता है।

इस बार का दीपावली पूजन मूहुर्त



तिरुपति बालाजी

श्री वेंकटेश्वर भगवान!

चमत्कारी पीपल की परिक्रमा है जारी

हर शनिवार को बालाहेड़ी लाल बाबा आश्रम पर
सुबह से ही लग जाता है भक्तों का ताँता!

जो भी शरण है आता, मनचाहा फल पाता!

श्री शुभ धनतेरस की हार्दिक शुभ कामनाएं और ढेर सारा आशीष


बुधवार, 30 अक्टूबर 2013

अहम् अखिलम् जगत!

भगवान कहते हैं कि मैं ही तो सारा जगत हूँ।
कण-कण में पत्ते-पत्ते में मेरी ही तो सत्ता है। 
इसलिए सभी से प्रीत करो। सभी का सहयोग करो। 

जीवा जीवस्य जीवनम्!

जीव ही जीव का जीवन है!

हिन्दू हैं तो विरोध करें!

हिन्दू हैं तो विरोध करें

स्वर्ण जड़ित तिरुपति बालाजी मन्दिर



अपनत्व हमारी साधना है!

हमारे मन से परायेपन का भाव जितना दूर होगा 
परमेश्वर हमारे उतना ही करीब होगा।

अखिल ब्र्ह्मांड को अपने ही
अस्तित्व का विस्तार मानना हमारी साधना है। 

युगल सरकार!

ज्ञेय स नित्य सन्यासी यो न द्वेष्टि न काङ्क्षति। 



तिरुपति बालाजी

श्री वेंकटेश्वर(समस्त पाप हरनेवाले भगवान)जी का
धाम जहाँ आनेवाले चढ़ावे की
दुनिया में कोई सानी
नहीं है।

जय श्री राधे!

 योग-क्षेमं वहाम्यहम्!

आपके सपने पूरे हों!

श्री शुभ दीपावली कि हार्दिक शुभकामनायें!

2 नवम्बर, 'रूप चतुर्दशी' की पावन वेला में श्री शुभ 'सुन्दरकाण्ड' का सामूहिक पाठ

आगामी शनिवार, 2 नवम्बर 2013, को 'रूप चतुर्दशी' (लक्ष्मी-चौदस) की पावन वेला में बालाहेड़ी 'श्री लाल बाबा के आश्रम' पर श्री शुभ 'सुन्दरकाण्ड' का सामूहिक पाठ आयोजित किया गया है। 
श्री शुभ मुहूर्त में आयोजित यह पाठ आपको आपकी समस्त बिघ्न-बाधाओं, रोग-शोक, ब्याधि, धन-दौलत सम्बंधित और अन्य पारिवारिक रोजमर्रा की परेशानियों से मुक्ति पाने का सुनहरा अवसर है। 
समय रात के ठीक 7 बजे से। 
अनुमानित पाठ विश्राम रात के 9 बजे। 

भक्तजनों से आग्रह है कि शुभ-मुहूर्त (समय) का विशेष ध्यान रखें! 

आनंद हमारा परिचय

सुख में न इतराते और 
दुःख में न घबड़ाते हुए 
सम दशा में रहने का नाम 
आनंद  है।

यह आनंद ही हमारा परिचय है। 


श्री राधा-गोविन्द दरबार