क्या ऐसा होता है प्यार!
झूठे हैं इतिहासकार!
ताजमहल को प्यार की निशानी बता दिया।
जरा गौर करें-
* शाहजहाँ की 7 बेगमों में मुमताज चौथी थी।
(बाद की तीन शादियाँ क्या मुहब्बत के गम को भुलाने के लिए की ?)
* शाहजहाँ ने मुमताज को पाने लिए उसके ख़सम को मार डाला था।
(कितनी शानदार नजीर पेश की है प्यार जताने की!)
* मुमताज अपने 14 वें बच्चे को जन्म देते समय गुजर गयी।
(खैर, मुगलों के लिए तो औरतें बच्चे पैदा करने की मशीन ही होती हैं। )
* मुमताज की मौत के बाद शाहजहाँ ने उसकी बहन से निकाह कर लिया।
(ताकि उसकी रूह को तसल्ली हो कि उसकी काम-से-कम एक सौत तो बहन ही है।)
अब इसमें जिसे प्यार का तराना सुनाई देता हो उसे प्रामाणिक इतिहासकार कहें या कमीना अफीमची?
झूठे हैं इतिहासकार!
ताजमहल को प्यार की निशानी बता दिया।
जरा गौर करें-
* शाहजहाँ की 7 बेगमों में मुमताज चौथी थी।
(बाद की तीन शादियाँ क्या मुहब्बत के गम को भुलाने के लिए की ?)
* शाहजहाँ ने मुमताज को पाने लिए उसके ख़सम को मार डाला था।
(कितनी शानदार नजीर पेश की है प्यार जताने की!)
* मुमताज अपने 14 वें बच्चे को जन्म देते समय गुजर गयी।
(खैर, मुगलों के लिए तो औरतें बच्चे पैदा करने की मशीन ही होती हैं। )
* मुमताज की मौत के बाद शाहजहाँ ने उसकी बहन से निकाह कर लिया।
(ताकि उसकी रूह को तसल्ली हो कि उसकी काम-से-कम एक सौत तो बहन ही है।)
अब इसमें जिसे प्यार का तराना सुनाई देता हो उसे प्रामाणिक इतिहासकार कहें या कमीना अफीमची?


