रविवार, 16 नवंबर 2014

क्या ऐसा होता है प्यार!

क्या ऐसा होता है प्यार!
झूठे हैं इतिहासकार!

ताजमहल को प्यार की निशानी बता दिया।
जरा गौर करें-

* शाहजहाँ की 7 बेगमों में मुमताज चौथी थी।
(बाद की तीन शादियाँ क्या मुहब्बत के गम को भुलाने के लिए की ?)

* शाहजहाँ ने मुमताज को पाने लिए उसके ख़सम को मार डाला था।
(कितनी शानदार नजीर पेश की है प्यार जताने की!)

* मुमताज अपने 14 वें बच्चे को जन्म देते समय गुजर गयी।
(खैर, मुगलों के लिए तो औरतें बच्चे पैदा करने की मशीन ही होती हैं। )

* मुमताज की मौत के बाद शाहजहाँ ने उसकी बहन से निकाह कर लिया।
(ताकि उसकी रूह को तसल्ली हो कि उसकी काम-से-कम एक सौत तो बहन ही है।)

अब इसमें जिसे प्यार का तराना सुनाई देता हो उसे प्रामाणिक इतिहासकार कहें या कमीना अफीमची?

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